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गुरुवार, 29 जुलाई 2021

मोटापे से बचे, वरना चलना-फिरना तक हो जायेगा कठिन !

 

मोटापे से बचे, वरना चलना-फिरना तक हो जायेगा कठिन !

        मोटापा बहुत बुरी चीज हैं I मोटापा अभिशाप हैं I मोटापा व्यक्ति को कहीं का नहीं छोड़ता I मोटापा तो आदमी को चलने-फिरने योग्य भी नहीं रहने देता I मोटापा केवल मोटापा नहीं, यह तो अनेक रोगों का जन्मदाता हैं I जितने रोग मोटापा के कारण झेलने पड़ते हैं, अन्य किसी कारण से नहीं I मोटापा स्वस्थ नहीं रहने देता I मोटापा रोगी बनाकर रख देता हैं जो व्यक्ति निरोगता चाहता हैं , उसे प्रयत्न कर अपने शरीर से मोटापे को हटाना, भगाना होगा I

कारण

        मोटापा आ जाने के कारण भी हो सकते हैं, मगर इस रोग का मुख्य कारण हैं हमारा खानपान I यदि इतना अधिक खा ले, जो हमारे शरीर की आवश्यकता से काफी अधिक हैं तो शरीर पर मांस चढ़ता जाएगा I चर्बी बढ़ती जाएगी I भार की वृद्धि रोकी नहीं जा सकेगी I शरीर मोटा होता जाएगा I बस फिर क्या है, कष्ट ही कष्ट झेलते जाइये I

                औषधियाँ 

मोटापा आ ही जाये तो इससे छुटकारा पाने के लिए आज कल अनेक औषधियाँ उपलब्ध रहती हैं I इनके क्रय पर काफी पैसा खर्च होता हैं I इनको खाने का लीये अनेक शर्ते भी रहती हैं यदि हम इन दवाइयों से अपने भार को कम भी कर लें, मोटापा घटा भी लें तो भी इन दवाइयों कस ‘साइड इफ़ेक्ट’ तो झेलने ही पड़ेंगे I इनके कारण कोई और रोग भी पनप सकते हैं I दवाइयों के शरण में न ही जाना पड़े, तो अच्छा I अतः अपने खान-पान के तरीके को बदलें I सीमित खाए I जितना एक व्यक्ति के लिए जरुरी हो उतना ही खाएं I डायटिंग पर मत जाये I मगर कम खाए I साथ में सैर, व्यायाम, योगासन थोड़े-बहुत जरुर करें I भार कम होगा I मोटापा अवश्य घटेगा I

                दुःख की बात

हमारे गलत खान-पान की वजह से ही शरीर का भार बढ़ता हैं I शरीर को जितना चाहिए, उससे बहुत ज्यादा  डकार जाने वाले व्यक्ति  का भार  बढ़ता हैं I जैसा खाना चाहिए, वैसा न खाकर, गलत खाकर  हम अपना वजन बढ़ा लेते हैं I  जिस खानपान के कारण भार बढ़ता हैं, उसी खानपान को हम आगे भी रोगी को दिए जाते हैं I इससे मर्ज़ घटता नहीं बल्कि बढ़ता जाता हैं I हम भोजन सम्बन्धी जो दोष हैं, उस दोष को दोहराते हैं I और भार घटाना चाहकर भी बढ़ाते रहते हैं, यह बड़े दुःख की बात हैं I इस प्रकार हम अपने मोटापे की वृद्धि कर बैठते हैं I

                घातक रोग

मोटापा एक घातक रोग हैं I यह गरीब देशो में कम तथा अमीर देशो में अधिक होता है I

जिन देशो में मेहनत अधिक करनी पड़ती I कमाई कम होती हैं I भोजन तथा अन्य खाद्य-पदार्थ पेट भरने को नहीं मिलते I वहां मोटापे की समस्या होना कम ही होना संभव हैं I

        अमेरिका तथा इंग्लैण्ड तथा कुछ अन्य पश्चिमी देश जो विकसित हैं या कुछ विकसित हो रहे हैं, ऐसे देशो में यह अभिशाप बनकर उन सबकी नींद हराम कर रहा हैं भारत जैसे देश में, जहाँ बहुत से लोगो को पेट भरने के लिए काम नहीं I कमाई नहीं I पूरी रोटी नहीं I वहां मोटापे की समस्या इतनी गंभीर नहीं I

        फिर भी, आज भारत में भी ऐसे लोग काफी ही गए हैं –

1.        जिनका अपना कारोबार बहुत अच्छा हैं I वे जितना चाहे, जो चाहे, जब चाहे खा सकते हैं I अधिक खाने के कारण उनको मोटापा झेलना पड़ता हैं I

2.        भारत में कई बार भुखमरी फैल चुकी हैं I अनाज तथा पानी की कमी होती रहती हैं I फिर  भी जिन्हें अधिक चिकन, तला, मिर्च-मसालो वाला, मोटापा लेन वाला भोजन मिलता हैं, वे अपना हाथ पीछे नहीं खींचते I रुकते नहीं I बस खाए ही जाते हैं I इससे उनका शरीर बिन किसी स्केल के फैलता बढ़ता चला जाता हैं I

3.        भारत में तो हालत अच्छी हैं, अमेरिका जैसे देशों में 20 से 25 प्रतिशत लोग मोटापे के शिकार हैं I पुरुष तथा नारी, सभी मोटापे के शिकार हैं I

4.        ब्रिटेन की भी यही हालत है I वहां डॉक्टरो का काफी समय मोटापे वाले व्यक्तियों का इलाज करने में लग जाता है I ऐसा समाचार-पत्रों तथा मैग्जीन्स से पढ़ने को मिलाता है I ब्रिटेन में यह समस्या नहीं, बल्कि संकट माना जाने लगा हैं I इस संकट से निपटने के लिए बड़ा भारी समय तथा पैसा व्यय हो रहा है I फिर भी यह समस्या काबू से बाहर चल रही हैं I संकट गहराता जा रहा हैं I

5.        ऐसे लोगो का इलाज करते समय डॉक्टर उन्हें कम खाने की सलाह देते हैं I चार्ट बनाकर देते हैं I कब क्या खाना चाहिए, ऐसा बताते है I मगर खाने के प्रलोभन को न रोक पा सकने के कारण लोग दवाइयां भी खाएं जा रहे हैं, साथ में ओवरईटिंग की आदत को भी पाले जा रहे हैं I

क्यों होते हैं मोटे ?

1.        शरीर को जितना भोजन चाहिए I उससे अधिक खाते हैं I अधिक खा तो लेते हैं, मगर जीतनी कैलोरी पेट में सुपुर्द करते हैं उतनी जला नहीं पाते I उतनी खर्च नहीं कर पाते I इस प्रकार मांस, चर्बी बढ़ती जाती हैं I भर में वृद्धि होती रहती हैं I

2.        खाए जाना, मगर शारीरिक श्रम न करना भी मोटापे का कारण हैं I यदि कोई खूब खाए, खूब व्यायाम करे, खूब श्रम करे, शरीर से खूब काम ले तो वज़न में वृद्धि नहीं होगी I मोटापा नहीं आयेगा I

लापरवाही

कुछ लोग अपने बढ़ते भार से, अपने शरीर से मोटा होने से पूरी तरह बेखबर रहकर,लापरवाही

करते जाते हैं I खाते ही जाते हैं I मगर जब स्थिति संकटपूर्ण हो जाती है, आपे से बाहर हो जाती हैं,

संभालनी मुश्किल होती हैं, तब जागते तो हैं, मगर बहुत देर हो चुकी होती हैं I उनकी लापरवाही ही

उन्हें मोटा बनाकर दयनीय स्थिति मेंपहुँचा देती हैं I

                चलना-फिरना मुश्किल

मोटे व्यक्ति के लिए तो चलना-फिरना भी मुश्किल हो जाता हैं I वह चंद कदम उठाते ही थक जाता है I उनकी साँस फूल जाती हैं I वह अपना हल्का-सा ब्रिफ्केस लेकर तो दस कदम भी नहीं चल सकता I इससे पहले ही हताश हो जाता हैं I साँस फूल जाती हैं I बगलें झांकते हुए मदद की तलाश करता हैं I लिफ्ट ढूंढ़ता हैं I अपने मोटे शरीर के भार को ढो नहीं सकता I यदि उसके शरीर में मोटापा न होता तो उसे कोई दिक्कत नहीं होती I

                एक भ्रम

                 

            कुछ लोग इसलिए अधिक खाए जाते हैं ताकि इससे उन्हें शक्ति प्राप्त होगी I वह ताकतवर बन जायेंगे I वे मोटे व्यक्ति को अधिक बलवान मानते हैं I मगर ऐसा होता नहीं I यह उनका भ्रम होता हैं I

            यदि कोई व्यक्ति अधिक खुराक ले, जितनी अधिक कैलोरीज खाए, उतनी भी खत्म करे I प्रयोग में लाये I खर्च करता जाये I उन कैलोरिज़ को अपने परिश्रम से जलाता जाये व्यायाम करता रहे I ऐसे में तो उसे अवश्य ताकत प्राप्त होगी I मोटापा नहीं I शरीर गठा हुआ हो जायेगा I पुष्ट-सा I वरना खा-खाकर तो मोटा ही होना होता हैं I

            वास्तव में, मोटे व्यक्ति शक्तिशाली नहीं, बहुत कमज़ोर होते हैं I जितना शरीर सुद्रिड होगा, उतना ही ताकत वाला भारी काम करने, अधिक चलने, चढ़ाई चढ़ने से भी नहीं घबराएगा I

    क्यों होते हैं मोटे व्यक्ति कमजोर ?

            स्लिम, सामान्य शरीर वाले व्यक्ति अधिक ताकत वाले होते हैं I मोटे व्यक्ति उनसे काफी कमजोर होते हैं I इनका कारण हैं –

1.        शरीर को ढोने के लिए जितना परिश्रम सामान्य या स्लिम को करना पड़ता हैं, मोटे व्यक्ति को उससे काफी अधिक परिश्रम कर, अपनी शती खर्च करनी पड़ती हैं I यही उसके थकने का तथा कमजोरी का कारण बनती हैं I

2.        मोटे व्यक्ति के शरीर के हर अंग को सामान्य व्यक्ति के अंगो से अधिक कार्य करना पड़ता है I

3.        मोटे व्यक्ति के हृदय को केवल शारीरिक अवयवो तक ही रक्त नहीं पहुँचाना होता, इसे तो बड़ती हुई चर्बी के कार्यो के कोषों की भी जरुरत पूरी करनी होती हैं I  वहां तक भी रक्त भेजना होता हैं I अधिक मेहनत करनी पड़ती हैं I

4.        हमारे मोटे शरीर को फेफड़ो को भी और अधिक वायु चर्बी की तह के लिए भेजनी होती हैं I अतः यह भी कमजोरी का कारण बनता हैं I अधिक शक्ति जी व्यय हो जाती हैं I

5.        ऐसे शरीर के गुर्दों का कर्य भी बढ़ जाती हैं I उन्हें भी अधिक पेशाब को शुद्ध करना, छानना पड़ता हैं I इससे शरीर में कजोरी आती हैं I

6.        ऐसे मोटे व्यक्तियो को सोने में, नींद में भी अधिक शक्ति खर्च करनी पड़ती हैं I कमजोरी का कारण बनती हैं I

7.        चूँकि मोटे लोग अधिक खाते हैं, अतः उस व्यक्ति की पाचन-क्रिया को भी अधिक कार्य करना पड़ता हैं I

8.        खाए हुए भोजन को पचाने के लिए आंतो को भी सामान्य व्यक्ति से अधिक परिश्रम करना पड़ता हैं I

9.        मोटापा ऐसी नामुराद चीज है जो व्यक्ति की शारीरिक तथा मानसिक दोनों ही शक्तियों को कम करने में लगा रहता हैं I

10.     इन्ही कमजोरियों और कारणों से मोटे व्यक्ति की जीवनी शक्ति में भी कमी आती हैं I

11.     मोटे व्यकितियो को  एक और मुस्किल झेलनी पड़ती हैं I उनकी रोगों से लड़ने, संघर्ष करने, रोकने की शक्ति कम हो जाती हैं I

 

मोटे व्यक्ति के रोग

        मोटापा स्वयं ही एक बड़ा रोग हैं I फिर भी, इनके कारण अन्य रोग पैदा हो जाते हैं I

1.        हृदय रोग हो जाना तो आम बात हैं I शायद ही कोई मोटा व्यक्ति हो, जो हृदय रोग से बचा रहता हो I

2.        मोटा व्यक्ति अपनी अधिकांश शक्ति अपने भार ढोने में खर्च कर देता हैं I अतः वह कमजोर बना रहता हैं I

3.        जोड़ो का दर्द अक्सर रहता हैं I

4.        ऐसे व्यक्ति को कैंसर भी हो जाना आम बात हैं I

5.        हाई ब्लड प्रेशर भी मोटे व्यक्ति का जैसा निजी रोग हो I

6.        कुछ मोटे व्यक्ति अपना ध्यान न रखने के कारण मधुमेह के शिकार हो जाते हैं I

खानदानी रोग

1.        कुछ डॉक्टर, चिकित्सक, शरीर विशेषज्ञ  मोटापे को खानदानी रोग मानते हैं I उनका कहना हैं की मोटे व्यक्ति की संताने भी मोटे होगी I मगर यह हर केस में सही नहीं मन गया I

2.        मोटे व्यक्ति संतान भले ही मोती हो, महार जो भी कोई, चाहे उसका पिता दुबला क्यों न हो, सामान्य से अधिक कैलोरी वाला भोजन किया करता हैं I

3.        अदि कोई भी व्यक्ति अपने आहार पर नियत्रण कर संतुलित भोजन करने लगे, उसको मोटापा नहीं होगा I यहाँ वह वंशानुगत परंपरा को भी फेल कर सकता हैं I

कैसे बचें इससे

        अतः मोटापे को घटने के लिए, शरीर के फैलव को नियंत्रण में रखने के लिए, हमें संतुलित

सीमित आहार लेना चाहिए I हर समय खाते नहीं रहना चाहिए I केवल उतना ही खाएं जो हमरे शरीर

की आवश्यकता होती हिं I उतनी ही कैलोरी का सेवन करे जीतनी हमारी आयु, हमारे शारीरिक कार्य,

हमारे लिंग तथा हमारी आवश्यकता के अनुरूप हो I जितना हम पचा सके, उतना ही खाएं I जो व्यक्ति

खाता जाएगा, मगर शरीर से काम न लेगा, वह मोटा होगा ही I

अब फायदे जाने मोटापे के

        अजीत समाचार, जालंधर में 25/10/2001 को एक छोटा सा आइटम प्रकाशित हुआ I उसे इस

लेख के लिए उपयोगी मानते हुये यहाँ ‘साभार’ दिया जा रहा हैं I  यह आइटम ‘फायदे भी हैं मोटापे के’

शीर्षक से प्रकाशित हुआ I

        प्रायः मोटापे को स्वास्थ्य और सुन्दरता के लिए खतरनाक ही समझा जाता हैं पर वैज्ञानिको

के मुताबिक मोटापा शरीर के कार्यो को सुचारू ढंग से करने में काफी मदद करता हैं तथा शरीर में अहम्

भूमिका निभाता हैं I वैज्ञानिको के अनुशार मोटापा शरीर की हड्डियों तथा अंगो की सुरक्षा करने में

सहायक होता हैं I

        यह हार्मोन तथा प्रतिरोधक क्षमता प्रणाली को शरीर में सही ढंग से प्रवाहित करने में न केवल

मदद करता हैं, बल्कि औरतों में प्रजनन-शक्ति को भी व्यवस्थित करता हैं I

        ‘रॉयल लंदन मेडिकल स्कूल ’ के खोजकर्ता साइमन कोप्पैक के मुताबिक मोटापा शरीर का

अंग हैं I इसे हम कुछ गुर्दे की भांति समझ सकते हैं I एक अध्ययन के अनुसार मोटापा एक महत्वपूर्ण

हार्मोन पैदा करता हैं जिसे ‘लेप्टिन’ कहते हैं I

        यह हार्मोन दिमाग से संपर्क स्थापित करता हैं तथा दिमाग को शरीर के उर्जा स्तर के कार्यों

की जानकारी देता हैं I यह हार्मोन  संक्रमण को रोकने में भी महत्वपूर्ण योगदान देता हैं I जब शरीर की

प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाये तो शरीर हार्मोन का इस्तेमाल कर सकता हैं I

        देखा आपने ! नई खोज-खबर ने मोटापे से होने वाली हानियों को तो माना ही हैं, मगर इससे

होने वाले कुछ फायदो को भी गिना दिया हैं I मगर हम समझते है कि हानियाँ बहुत-बहुत ज्यादा हैं I

एक-दो लाभ उठाने के लिए बहुत सी हानियों को तो गले नहीं लगाया जा सकता I अतः प्रयत्न हो कि

हम मोटापे से बचे रहे I इसी में हमारी तथा हमारे शरीर की भलाई हैं I


 

 

दुबलापन भी है एक समस्या, कैसे निपटें इससे ?

दुबलापन भी है एक समस्या, कैसे निपटें  इससे ?

मोटापा तो एक समस्या तो हैं ही I  यह अमेरिका, ब्रिटेन  आदि देशों में तो गम्भिर चेतावनी बनकर सामने आ खड़ी हुई हैं I वहा का हर पांचवां व्यक्ति जरूरत से ज्यादा मोटा हैं I यह उसके गलत खान-पान व रहन-सहन के कारण हैं I वहा के डॉक्टरो अपनी प्रेक्टिस का बहुत-सा हिस्सा मोटे लोगो की समस्याए हल करने में लग जाता हैं I मोटापे के कारण जो अन्य रोग हो जाते हैं, उनको भी तो ठीक करना पड़ता हैं I मोटे लोग अपने उस खान-पान को फिर से खाए जाते हैं जिसके कारण वे मोटे हुए हैं I दवा का खाना भी बेकार हो जाता हैं I पैसे का खर्च  और समय की बरबादी सो अलग I

यह भी समस्या

        इसी प्रकार दुबलापन या पतला होना भी एक समस्या हैं I आदमी चला जा रहा  होता हैं, पता ही नहीं की यह आदमी हैं या किसी लाठी पर पेंट, कोट और हैट टांगा हुआ हैं, कोई पर्सनालिटी नहीं I कपड़े पहनकर दरवाजे के पास खड़ा हो तो लगता हैं आदमी नहीं, हैंगर पर कपड़े लटका दिए गए हैं I

देशी समस्या

        या दुबलेपन की समस्या विदेशी कम है, देशी अधिक I भारत जैसे देश में जहाँ खाने-पीने की कमी हैं I पेट भरकर खाना नहीं मिलता I परिश्रम अधिक करना पड़ता हैं I खुरख कम हैं I यह तो मोटे लोग तो कम हैं I पतले अधिक I आज हम पतले व्यक्ति के शरीर का भार बढ़ाने, उसी देह पर मांस-चर्बी चढ़ाने की बात करते हैं I ऐसे व्यक्तिओं का दुबलापन खत्म करने की तरकीबें सुझाते हैं I

हीन-भावना

        यह तो स्पष्ट हैं की मोटापा गलत खान-पान व रहन-सहन का परिणाम हैं I ठीक इसी तरह पतलापन भी कम तथा कमजोर भोजन खाने का नतीजा है I कुछ लोग तो इतने दुबले पतले होते हैं की वे सामने वाले को प्रभावित नहीं कर सकते I अपनी कमजोर पर्सनालिटी के कारण हीन-भावना से घिरे चले जाते हैं I इस तरह से न तो वे अपने अधिकारी की नज़रो में कुछ हो पाते हैं तथा न ही अपने अधीन लोगो से काम ले सकते हैं I उनकी हीन-भावना का यह आलम हैं की सौ दुबले व्यक्तियों में से 75 प्रतिशत तो अपने कार्य-क्षेत्र में सफल भी नहीं हो पाते I सदा पिछड़ते चले जाते हैं I ऐसे हालत का उनके जीवन पर, उनके परिवार पर, उनके सामाजिक स्तर पर बहुत बुरा असर पड़ता हैं I

हीन-भावना नहीं

        अतः जरुरी हैं कि पतला व्यक्ति हीन-भाव न पाले I हिम्मत न हारे I प्रयत्न करे कि उसका स्वास्थय बेहतर हो I शरीर में भले ही कोई रोग नहीं , फिर भी वह कुछ चर्बी लाने के लिए, कुछ सेहत बनाने के लिए जरुरी कदम उठाये I अपना वजन बढ़ाने का प्रयास करें I खान-पान में तबदीली करे I पौष्टिक आहार बढ़ाए I शरीर को पुष्ट व रोबीला बनाने का प्रयत्न करे I पर्सनालिटी निखर जाएगी हीन भावना का नामोनिशान नहीं रहेगा I हालातों का सामना करना आसान हो जाएगा अपने सामने वाले को बातचीत तथा व्यक्तित्व से प्रभावित कर पाएंगे I

सूझ-बुझ की आवश्यकता

        दुबला आदमी डरता रहे I भयभीत बना रहे I किसी काम में हाथ न डाले I किसी का सामना न करे I यह तो उसकी गलती ही हैं I वह सूझबुझ से काम ले I मौका संभाले I एक तरफ हीन-भावना त्याग कर अपने कामों में लग जाए और अपने कर्तब्यों को हिम्मत के साथ निपटाए I दूसरी तरफ, वह अपने शरीर में वृद्धि करे I भार बढ़ाने का प्रयत्न करे I सूझ-बुझ से काम लेते हुए अपने भोजन में तब्दीली करे, जिससे शरीर पर कुछ चर्बी, कुछ मांस चढ़ने लगे I यदि ऐसा पतला व्यक्ति अपने स्वास्थ्य की वृद्धि कर प्रोग्राम बनाकर चलेगा, उसके अनुरूप कदम उठाएगा, तब सेहत बनेगी ही I

प्रोटीन की कमी न हो

        प्रोटीन की कमी न होने पर शरीर की पेशियाँ कमजोर बनी रहती हैं I यदि ऐसा हो तो शरीर पर मांस नहीं चढ़ता I दुबलापन दूर नहीं होता I ऐसा व्यक्ति अपने भोजन में प्रोटीन तत्त्व की अधिकता रखे I सामान्य व्यक्ति से अधिक, तभी पतलापन हटेगा I

        पतला व्यक्ति शक्तिहीन भी होता हैं I जब तक सामान्य देह वाला नहीं होता, उसे बड़ी कठिनाइयां झेलनी पड़ती हैं I

प्रथम आवश्यकता

हमारे शरीर के लिए प्रोटीन बहुत जरुरी हैं I प्रोटीन की कमी बनी रहेगी तो दुबलापन भी बना रहेगा I यदि अपने आहार में प्रोटीन्स काफी बढ़ा ले तो दुबला होने के कारण भी खत्म हो जाता हैं I यदि व्यक्ति मंशाहरी हो सके और मोटा होने के लिए भोजन में ज्यादातर प्रोटीन शामिल कर सके तो शरीर पर यक़ीनन मांस चढ़ेगा I शरीर में भराव हो, शरीर में शक्ति बनी रहे इसके लिए अपने भोजन में अंडा, मांस, मछली, दही, दूध की मात्रा बढ़ा दे I अवश्य शरीर भरने लगेगा I पतलापन हटता जायेगा I

शाकाहारी के लिए

यदि आप किन्ही कारणों से मांस आदि नहीं खा सकते I पतला होने पर भी शाकाहारी बने रहना चाहते हैं तो अपने भोजन में दूध, दही, पनीर, मक्खन, देसी घी, छाछ, सोयाबीन का दूध तथा सोयाबीन से बने पदार्थों की अधिकता कर दे I सोयाबीन इस समय सस्ता, सुलभ, हर एक की पहुँच में हैं I इसके लाभ भी बड़े हैं I जीतनी भी दाले है, फलियाँ हैं या अनाज हैं, उनमे से सोयाबीन सबदे अधिक प्रोटीन उपलब्ध रहते हैं I

सोयाबीन

सोयाबीन की सेवन से हमारी प्रोटीन्स की कुल आवश्यकता का चालीस प्रतिशत प्रोटीन मिल जाता हैं I अनाजों का यदि मुकाबला करें तो चांवल से पांच गुना तथा गेंहू, दालों व अन्य अनाजो से दो गुना प्रोटीन हमें सोयाबीन से मिल जाते हैं I अतः पतला व्यक्ति सोयाबीन से दोस्ती करे I इसको विभिन्न  प्रकारों से, विभिन्न रूपों में खाता रहे I शरीर भरेगा I पतलापन खत्म होगा I मोटापा आता दिखेगा I मतलब हल हो जायेगा I

क्या हैं सोयाबीन में ?

सोयाबीन को क्यों उत्तम माना गया हैं I प्रोटीन की दृष्टी से इसे सर्वश्रेष्ठ क्यों माना गया हैं I सोयाबीन में –

1.        एमिनो एसिड्स होते हैं I

2.        ग्लिसरीन विशेष रूप से होता हैं I

3.        ट्रायप्टोफेन भी रहता हैं I

4.        लायसीन भी हैं सोयाबीन में I

सच्चाई तो यह हैं की सोयाबीन से प्राप्त होने वाले प्रोटीन्स किसी भी जान्तव प्रोटीन से कम नहीं I

यदि यह सस्ती सोयाबीन महंगे जान्तव प्रोटीन की समानता कर सकता है, तब तो हर शाकाहारी तथा

मांसाहारी को अपने धन का अपव्यय रोकते हुए सोयाबीन को किसी-न-किसी प्रकार से लेते रहना चाहिएI

और क्या सेवन करे दुबला व्यक्ति

        जान्तव प्रोटीन तथा सोयाबीन आदि के अतिरिक्त निम्न खाद्य-पदार्थो को अच्छी मात्रा में खाता रहे I इनमे भी काफी प्रोटीन हैं I दुबले व्यक्ति को मोटा करने में सक्षम है-ऐसा व्यक्ति मीठा भी खूब खाए I मोटापा आएगा I

1.        शकरकंद, 2. मक्का, 3. गेंहू, 4. बाजरा, 5. काजू, 6. बादाम, 7. अखरोट, 8. मुंग की

दाल, 9. ज्वार, 10. जौ, 11. कच्चे चांवल, 12. भुनी हुई मूंगफली, 13. उड़द की दाल, 14. चना, 15. आलू, 16. नारियल, 17. तिल आदि I इन सब में काफी प्रोटीन हैं I पतला आदमी सदा पेट भरकर खाए I मांस-चर्बी बढ़ती जाएगी I

और क्या कारण

दुबला होने का मुख्या कारण तो अनाज ही हैं I हम इन चीजो कल वर्णन कर चुके हैं, उनमे यह भी देखना है कि हमारे भोजन में चर्बी तथा कर्बोहाइड्रेट्स की कमी ना आये I यदि इन दो की कमी बनी रहेगी तो दुबलापन भी बना रहेगा I शरीर भी कमजोर रहेगा I परिश्रम वाला थोडा-सा कार्य भी नहीं कर पाएंगे I

जच्चा के लिए

महिलाये बच्चा जनने के बाद तो काफी कमजोर, दुर्बल, पतली होती जाती हैं I रंग पीला रहने लगता हैं I ऐसी नारी अपने भोजन में विशेषकर ये लें- (1) हरीरा, (2) बुरा, (3) घी, (4) मेवे I इनको मिलकर लड्डू  बनाकर सुबह-शाम खाया करे तो  कमजोरी दूर होगी I शरीर मजबूत होगा I चहरे का पीला रंग खत्म होगा I बच्चे को दूध पिलाना आसन होगा I बच्चा भूखा नहीं रहेगा I अपने छोटे-छोटे काम जच्चा के लिए कर पाना आसन होगा I वह दुसरो पर कम निर्भर  रहने लगेगी I

भागदौड़ कम करें

        मोटा व्यक्ति भी इसलिए मोटा होता है, क्योकि वह खाता अधिक हैं, कमाता कम हैं I कम कार्य करने से अधिक आराम करने से मोटापा आता हैं I ऐसा व्यक्ति अदि अधिक भागदौड़ करने लगे तो उसका मोटापा कम होगा I मगर यहाँ हमारी समस्या दुबलापन, पतलापन हैं I हम मोटापा की ओर बढ़ना चाहते हैं ताकि शरीर भी संगठित भी लगे और व्यक्तित्व भी निखरे I ऐसा व्यक्ति जो शरीर पर मांस लाना चाहता है अधिक भागदौड़ से बचे I ऐसा न हो कि वह जितना खाए, उतना खर्च कर दे I संग्रह करने को कुछ बचे ही नहीं I संग्रह किया जायेगा तभी तो चर्बी बढ़ेगी I

खाते तो, हैं फिर भी दुबले

कुछ लोगो की यह भी समस्या हैं कि वे पेट-भरकर खूब खाते हैं I मगर दुबलापन ज्यो का त्यों बना रहता हैं I वास्तव में वे वैसा नहीं खाते, जैसा शरीर में भराव लेन के लिए चाहिए I कोई केवल मेवे, घी, दूध तो ले मगर हरी सब्जियों, फलो को भूल जाये तब तो शरीर में दुबलापन ही रहेगा I

अधिक तलना-पकाना

        भोजन खूब स्वादिष्ट बने I उसमे खूब मिर्च-मसाले हो I उबला हो, तला हो, भुना हुआ हो ताकि अधिक स्वादु हो जाये I यह बिलकुल गलत है I कहने को तो हमने अमुक पदार्थ खाया I मगर उसको अत्यधिक पकाने से वह जो निर्जीव हो चूका हैं हमें कुछ भी देने के योग्य नहीं, इस बात से हम बेखबर रहकर भोजन की पौष्टिकता खत्म कर बैठते हैं I बस खानपान और पकाने के ढंग बदले I शरीर में इच्छानुसार भराव होगा और आपका व्यक्तित्व भी निखर उठेगा I

        जहाँ शरीर का अधिक मोटापा बुरी चीज़ हैं, वही शरीर का अधिक दुबलापन भी गलत I कोशिश से सुधर संभव हैं I