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मंगलवार, 20 अक्तूबर 2020

कब्ज़' देता है अनेक रोगों को जन्म, इससे बचें!

  'कब्ज़' देता है अनेक रोगों को जन्म, इससे बचें!

 
यदि कब्ज हो जाए तो इसे अकेला मत समझें। यह अनेक रोगों को जन्म देकर, हमारे स्वास्थ्य को बिगाड़ देता है। केवल का ही हमारे अनेक रोगों के लिए जिम्मेवार है। अतः कब्ज़ दूर करने के लिए पेट को साफ़ रखना ज़करी है। पेट साफ़ रखना बड़ा कठिन नहीं। थोड़ी सावधानी, थोड़ी सतर्कता, थोड़ी चुस्ती हो तो यह रोग भी नहीं होता। हो जाए तो भगाना भी कठिन नहीं। हमारे घर में, रसोई में, अनेक, फल, सब्जियाँ, अनाज,मसाले आदि उपलब्ध रहते हैं जिनकी मदद से कब्ज़ रोग को हटाया जा सकता है। इसको ठीक किया जा सकता है अथवा इसको होने से भी रोका जा सकता है।
 कब्ज़ कैसे होता है?

निम्नलिखित कारणों से भी कब्ज़ हो सकता है1. रात को देर तक जागते रहने से कब्ज़ हो जाने की संभावना बनी रहती है।
बेआरामी जो हो जाती है।
2. रात को देर तक जागते रहने से शरीर में खुश्की हो जाना आम बात है।
यह रुखापन, यह खुश्की कब्ज का कारण बन सकती है।
3. कुछ लोग अक्सर रूखे-सूखे पदार्थ खाते हैं। इससे शरीर के अंदर, अंतड़ियों
में खुश्की हो जाती है। यह खुश्की भी कब्ज़ का कारण बनती है।
4. जिन्हें दिन-भर कम पानी पीने की आदत रहती है। पानी की मात्रा 8-10
गिलास न होने की बजाय काफ़ी कम रह जाती है। इससे कब्ज़ हो जाना
आम बात है।
5. कब्ज का इलाज समय पर करें। वरना यह अनेक रोगों को जन्म तो देती
ही है, इससे बनने वाली गैस सीधी दिमाग को चढ़ जाती है।
यहाँ हम कुछ उपचारों का वर्णन कर रहे हैं जो कब्ज़ को ठीक करने में उपयोगी रह सकते हैं।
बेल से कब्ज़ हटाना
हमारी आँतों में मल रुक जाता है। सूख जाता है। अवरुद्धता पैदा कर देता है। इसके लिए पका हुआ बेल लें। इसका गूदा निकालें। मसलें । इसको पानी में अच्छी प्रकार मसलकर, इसका शर्बत तैयार करें। यह शर्बत पीने से कब्ज नहीं रहता।
मूली से इलाज
कब्ज़ को पूरी तरह ख़त्म करने तथा फिर से सिर न उठा सकने की अवस्था में लाने
के लिए मूली खाएँ। आराम मिलेगा। यदि मूली को नमक तथा बारीक पिसी काली मिर्च के साथ खाएँ तो आराम मिलता है। इसे कुछ समय तक निरंतर खाएँ ताकि कब जड़ से ही उखड़ा रहे।
प्याज़
कुछ लोग प्याज़ से घृणा करते हैं। इसकी गंध को भी अच्छा नहीं मानते। मगर प्याज को देखें। अन्य लाभों के साथ कब्ज़ जैसे रोगों को भी यह खत्म कर सकता है। प्रतिदिन एक कच्चा प्याज़ खाते रहें तो कब्ज ठीक होगा।
टमाटर
टमाटर अनेक औषधीय गुणों का पनी है। इसके इन्हीं गुणों में से एक है पेट में विद्यमान आँतों को साफ़ रखना। आँतें साफ़ रहेंगी तो कब्ज होगा ही नहीं। हम यदि स्वस्थ रहना चाहते हैं तो अपनी आमाशय आँतों को पूरी तरह साफ़ रखें। बाहर से बैठे-बैठे यह काम तो हो नहीं सकता। इस काम को टमाटर का सेवन आसान कर देता है। जिसे कब्ज रहता हो, उसे तो टमाटर अवश्य खाना चाहिए।
नीम के फूल
यदि हम नीम के फूल सुखाकर घर में रखें। इनको पीसकर, चूर्ण बनाकर रखने से, जब जरूरत हो, फायदा ले सकते हैं। एक चौथाई छोटा चम्मच इस चूर्ण का खाएँ। ऊपर से गरम पानी पी लें। पानी गुनगुना ही गरम हो। रात सोते वक्त इस खुराक को लें तो और भी अच्छा। प्रातः पेट साफ़ हो जाएगा।
हरड़ का मुरब्बा
रात को सोने से पूर्व एक हरड़ का मुख्या खाएँ। ऊपर से दूध का गिलास पी लें। प्रातः
जय शौच जाएँगे तो पेट साफ़ हो जाएगा। कब्ज का नामोनिशान नहीं रहेगा।
छुआरों से इलाज
का हो तो इसे हटाने के लिए छुआरे भी खा सकते हैं। यह कब्ज दूर करता है।
1. प्रातः उठने पर दो छुआरे पानी में भिगोएँ । दिन-भर पानी में रहने दें या इन्हें
तोड़कर भिगोएँ। रात को इन्हें चबा-चबाकर खाएँ। फिर भोजन करें। पेट साफ़
करेंगे।
2. कब्ज को हटाने की इच्छा से रात को दो छुआरे दूध में उबालें। इस दूध को
पीकर सो जाएँ। यह कब्ज दूर कर देगा।
3. यदि कब्ज़ काफी ज्यादा हो तो प्रातः तवा रात को तीन-तीन अथवा दो-दो
छुआरे गरम पानी से खा लें। आराम मिलेगा।
नींबू से उपचार
कब्ज दूर करने के लिए नींबू से निम्नलिखित उपचार कर सकते हैं1. रात को पानी के एक छोटे गिलास में नींबू निचोड़कर ज़रूरत अनुसार शक्कर
डालें। मिलाएँ। इसे सोने से पूर्व तैयार करें तथा पी लें।
कुछ दिन, इसे रात के वक्त नियमित लें। पुराना-से-पुराना कब्ज दूर हो जाएगा।
2. कल के रोगी के लिए नींबू का सेवन बहुत लाभकर रहता है। वह भोजन
के बाद नींबू मिला पानी पीता रहे तो भी कब्ज की शिकायत नहीं रहती।
नारंगी
कप को हटाने के लिए, मल को अपने आप निकलने योग्य बनाने के लिए, जोर लगाकर शौच न करना पड़े इस अवस्था में पहुंचने के लिए नारंगी का रस बड़ा फायदा करता है। नाता में एक गिलास नारंगी का रस कुछ दिनों तक नियमित पीते रहें। इससे
मल आसानी से आने लगेगा।
तरबूज का सेवन
कप के रोगी तो नियमित तरबूट खाया करें। जब-जब उपलब्ध रहे, इसका एक गिलास रस पी लें। इससे कम घटता जाएगा। धीरे-धीरे सामान्य हो जाएगा।
बथुआ का साग
बथुआ के साग में दस्त लाने की क्षमता होती है। अतः कब्ज़ को दूर भी करेगा। रोगी को चाहिए कि कुछ समय तक नियमित यथुआ का साग खाए और कब्ज़ को पूरी तरहvभगाए।
करेला
कब्ज़ का रोगी1. जब-जब करेला मिले इसकी सब्जी का सेवन करे। यह पेट साफ़ रखने में मदद करेगा।
2. करेले का रस निकालकर एक कप कुछ दिन पिया करे। यह पुराने- से-पुराने
कब्ज़ को भी दूर कर देगा।
हींग
हिंग्वष्टक चूर्ण, छोटी हरड़ का चूर्ण तथा मीठा सोडा, तीनों की समान मात्रा लें। मिलाएँ। इसको छोटा आधा चम्मच खा लें। ऊपर से ताज़ा पानी पी लें। यह खुराक एक जैसी दिन में दो बार लें। इसके सेवन से कब्ज नहीं रहेगा। कुछ दिन लें। पूरा लाभ मिलेगा।
पानी
प्रातः उठकर दो गिलास पानी नियमित लेने से भी कब्ज़ जाता रहता है। यह अपनी आदत ही बना लें कि प्रातः दो गिलास पानी पीना है। यह अनेक अन्य रोगों को भी शांत कर देगा।
नमक
कब्ज दूर करने के लिए सेंधा नमक मदद करता है। एक गिलास पानी लें। इसमें आधा चम्मच सेंधा पिसा हुआ नमक डालें। नींबू निचोड़ें। मिलाकर पी जाएँ। इसे प्रातः खाली पेट पीना शुरू करें। कुछ ही दिनों में कब्ज़ पूरी तरह हट जाएगा।

आँवला
1. आँवला भी हमें अनेक प्रकार से राहत पहुंचाता है। कब्ज़ को हटाने में भी
मददगार होता है। आँवले का चूर्ण घर में होना चाहिए। एक छोटा चम्मच
इस चूर्ण को खाएँ तथा पानी पी लें। आराम मिलेगा। सामान्य रूप से शौच
उतरने लगेगा। एक सप्ताह लेते रहें।
2. सूखे आँवलो का मोटा चूरा, एक चम्मच मात्र एक गिलास पानी में भिगोएँ।
इसे रात-भर भीगा रहने दें। प्रातः इन भीगे हुए आँवलों को इसी पानी में
मथ लें। अच्छी तरह ताकि पूरा असर पानी में आ जाए। इसे छान लें। पी
लें। यह कब्ज दूर करने में सक्षम होगा। कुछ दिन उपचार करें।
अदरक
1. कब्ज से पीड़ित रोगी एक अदरक का टुकड़ा लें। इसे साफ़ कर, छील कर
पतली-पतली फाँके बना लें। इन फाँकों को गुड़ के साथ चबाएँ व निगलते
जाएँ। यह कब्ज़ को दूर कर शौच को सामान्य रूप से उतारने में मदद करेगी।
2. कब्ज की शिकायत ही न हो, इसके लिए रसोई में अदरक सदा हो। इसे दाल,
सब्ज़ी आदि में छौंक लगाकर ज़रूर खाया करें। रोग ही पैदा नहीं होगा।
लहसुन
1. लहसुन कब्ज़ का दुश्मन है। यदि हम लहसुन को अपनी दाल-सब्ज़ी के छौंक
में स्थान देते हैं तो इससे कब्ज़ नहीं होगा।
2. एक कप पानी लें। इसमें दो तुरियाँ लहसुन की डालकर उबालें। जय यह
पानी केवल दो तीन चम्मच रह जाए तो इसे गुनगुनी अवस्था में पी लें। कुछ
दिन नियमित पान करने से कब्ज़ पूरी तरह हट सकेगा।
पपीता
कब्ज के रोगी के लिए पपीते का सेवन बढ़िया रहता है। यह कब्ज़ हटाने में सक्षम है।
जब-जद पपीता मिले अवश्य सेवन करें और कब्ज़ से छुटकारा पाएँ।
हम जान गए हैं कि कब्ज़  को जड़ से उखाड़ना जरूरी है। इससे छुटकारा पाने
के अनेक तरीके हैं। इनमें से कोई अपना लें।